इतिहास हुए डा. चंद्रबली सिंह


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                                   इतिहास हुए डा. चंद्रबली सिंह
                                                  
                                                    प्रस्तुति: तृषांत सिंह



वाराणसी में विवेकानंद कॉलोनी स्थित आवास के कमरे की दीवार वाली आलमारी में
रखी डा. चंद्रबली सिंह की कई तस्वीरें।
साथ छूटा: वाराणसी में विवेकानंद कॉलोनी स्थित आवास के बरामदे
में रखा डा. चंद्रबली सिंह शव व पास खड़े निकटस्थ
सोमवार 23 मई 2011 को प्रख्यात मार्क्सवादी समालोचक डा. चंद्रबली सिंह ने सुबह  08.30 बजे वाराणसी के गिलट बाजार स्थित त्रिमूर्ति हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका जन्म 20 अप्रैल 1924 को गाजीपुर जनपद के रानीपुर कस्बे में एक किसान परिवार में हुआ था। निधन के कुछ ही देर बाद उनका शव जगतगंज की विवेकानंद कॉलोनी स्थित उनके आवास में लाया गया। वह अपने पीछे पुत्र प्रवाल कुमार सिंह का भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं। डा. सिंह के निधन के  पांच घंटे बाद उनके आवास पर ली गयी तस्वीरें... 









पुरानी यादें: शादी के बाद साथ खड़े चंद्रबली सिंह
 और उनकी पत्नी परमेश्वरी देवी।

 वाराणसी में विवेकानंद कॉलोनी 
स्थित आवास के कमरे में टंगी
 डा. चंद्रबली सिंह की पत्नी 
परमेश्वरी देवी की यह तस्वीर 
लगातार उनके निकट दीवार 
पर उपस्थित रही। परमेश्वरी 
जी का निधन 1990 में वाराणसी
 में ही हो गया था।  

वाराणसी में विवेकानंद कॉलोनी स्थित आवास के कमरे की दीवार वाली आलमारी में रखी डा. चंद्रबली सिंह की कई तस्वीरें।



   

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About Shyam Bihari Shyamal

Chief Sub-Editor at Dainik Jagaran, Poet, the writer of Agnipurush and Dhapel.
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