निरंजन बेजोड़




निरंजन अनुपम-अनोखा

दिमाग में जिसके झर-झर झरता जिज्ञासाओं का झरना
जिसकी हर लम्‍हे की फितरत कुछ न कुछ करते रहना

जिद ऐसी कि हजार वोल्‍ट जैसे अचानक दहकने लग जाएं
मम्‍मी सविता की एक नजर पर ज्‍वालामुखी प्रपात हो जाए

कल्‍पनारत, सृजनशील और अध्‍ययनलीन जो हरदम 
वह निरंजन अखिल विश्‍व में अनुपम-अनोखा एकदम

यह मेधा-प्रतिभा सफलता अर्जित कर पाए शीघ्र सिद्धि
दुनिया के कोने-कोने में फैले निरंजन की शुभ प्रसिद्धि

अपने बेटे का जन्‍मदिन मिल-जुल हम हजारों साल मनाएं
हर वर्ष चतुर्दिक गूंजे ' निरंजन बर्थ डे की शुभकामनाएं ' 


                                                                     - श्‍यामबिहारी श्‍यामल
 बेटे के जन्‍मदिन पर अभी-अभी (19 नवंबर 2013 :: प्रात: 06.08 बजे) यह भावांकन)


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About Shyam Bihari Shyamal

Chief Sub-Editor at Dainik Jagaran, Poet, the writer of Agnipurush and Dhapel.
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2 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज मंगलवार को (19-11-2013) मंगलवारीय चर्चामंच---१४३४ ओमप्रकाश वाल्मीकि को विनम्र श्रद्धांजलि में "मयंक का कोना" पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. शुभकामनाएँ निरंजन के लिए

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