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शब्‍द श्‍यामल

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नदी : तीन कवि‍ताएं

Shyam Bihari Shyamal 6:09 am 22 Comments Edit
कवि‍ताएं 0 श्‍याम बि‍हारी श्‍यामल नदी - 1 नदी ने जब-जब चाहा गीत गाना रेत हुई कंठ रीते धूल उड़ी खेत हुई नदी -  2 चट्टानों ...
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पुत्र नि‍रंजन देव के जन्‍मदि‍न पर कवि‍ता

Shyam Bihari Shyamal 7:43 am 2 Comments Edit
नि‍रंजन देव सि‍ह अपने माता-पि‍ता सवि‍ता-श्‍यामल और भैया वि‍शाल सि‍ह के साथ।   (  कोलाज-सृजन : ठाकुर शि‍शि‍र कुमार सि‍ह द्वारा जन्‍मदि‍न ...
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महान साहित्‍यकार श्रीलाल शुक्‍ल

Shyam Bihari Shyamal 6:28 am 2 Comments Edit
हिन्‍दी के महान साहित्‍यकार श्रीलाल शुक्‍ल स्‍नेहर्षि श्रीलाल शुक्‍ल  श्‍यामबिहारी श्‍यामल कवि-सम्‍पादक भारत या...
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    दो कविताएं 0 श्‍याम बिहारी श्‍यामल  फिर रचूंगा मैं  धार पर ओठंघकर  टेरूंगा जिन्‍दगी  हंकाऊंगा बार-बार  परबत पर प्‍यार  ...
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    जश्‍न दर जश्‍न प्रश्‍न पर प्रश्‍न    राष्‍ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' को स्‍वतंत्रता-दिवस पर आज स्‍मरण करते हुए अनेक मनो...
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      जानकीवल्लभ निस्संदेह विरल-विशिष्ट थे, यह नियति का निर्मिति- सत्य है ; उन्होंने बेजुबान और छोटे-से-छोटे प्राणियों को कलेजे से लगाक...

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