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शब्‍द श्‍यामल

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Home Archive for सितंबर 2012

रुद्र काशिकेय की अनदेखी क्‍यों

Shyam Bihari Shyamal 7:45 am 4 Comments Edit
जिस हिन्‍दी आलोचना को रुद्र काशिकेय की उपेक्षा के लिए अपराधी ठहराया जाना है उसके प्रथम पुरुष आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल से लेकर  ...
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पृथ्‍वी है हमारी हिन्‍दी

Shyam Bihari Shyamal 8:01 am 4 Comments Edit
  कहनेवाले चाहे कुछ कहें हमारी हिंदी सुहागिन है सती है खुश है उसकी साध यही है कि खसम से पहले मरे -- रघुवीर सहाय ( पूरी रचना भी नीचे ...
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रेखाचित्र / मेरे मीता भारत भारद्वाज : भारत यायावर

Shyam Bihari Shyamal 9:26 am 2 Comments Edit
  भारत भारद्वाज को मैं रोज याद करता हूँ और रोज फोन करके उनका हाल-समाचार लेता हूँ। कुछ भी लिखता हूँ, तो उन्हें पढ़ने भेजता हूँ। यह स्व...
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कौशल किशोर शुक्‍ला की कविताएं

Shyam Bihari Shyamal 8:19 am 1 Comment Edit
कौशल किशोर शुक्‍ला की कविताओं में अपनी ही ताजगी है। किसी भी बगबगाते ब्रांड को ठेंगा दिखाता देसीपन और तमाम ऐसे-वैसे सिद्ध-प्रसिद्ध स्‍...
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अनिल जनविजय पर भारत यायावर

Shyam Bihari Shyamal 11:56 am 2 Comments Edit
चर्चा के बीच में त्रिलोचन ने बताया कि दिविक रमेश में 'दिविक' का अर्थ है - दिल्ली विश्वविद्यालय कवि। मैंने कहा-  इसका दूसरा अर्...
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    ‘‘ इतनी सारी तस्वीरें देख मन में एक सवाल उठा है- मित्र, आप कैसे दार्शनिक हैं, मनन-मंथन वाले या दर्शन-पूजन वाले ? ’’          एकबारगी सी...
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    दो कविताएं 0 श्‍याम बिहारी श्‍यामल  फिर रचूंगा मैं  धार पर ओठंघकर  टेरूंगा जिन्‍दगी  हंकाऊंगा बार-बार  परबत पर प्‍यार  ...

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