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शब्‍द श्‍यामल

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Home Archive for सितंबर 2018

श्याम बिहारी श्यामल की गजल : आंखों का तराजू बड़ा बेदर्द

Shyam Bihari Shyamal 7:03 am 1 Comment Edit
आंखों का तराजू बड़ा बेदर्द  श्याम बिहारी श्यामल मंजर-ए-चरागां नहीं यह आम चल रहा हर चराग यहाँ दिल है इसमे लहू जल रहा ...
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श्याम बिहारी श्यामल की गजल : देखेंगे ज़रूर तेल और तेल की धार भी

Shyam Bihari Shyamal 9:19 am 1 Comment Edit
देखेंगे तेल और तेल की धार भी  हमें उनसे भी हमदर्दी है और वही प्यार भी  हमारे नाम से जिन्हें आता है गुस्सा बुखार भी  गो कि प...
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