रोशनी से जोड़े अंधेरे


हरेक हद को नकारा किया 

श्याम बिहारी श्यामल 

चंद ही हैं अश'आर मेरे 
मैंने तंग नहीं रखे घेरे

दिल-ओ-जां से ज़िगर-ए-ज़हां
लगाया किए बे-रोक फेरे

इश्क़-ए-गुल फिक्र-ए-गुलिस्तां 
रोशनी से जोड़े अंधेरे 

हरेक हद को नकारा किया 
क़ुबूल नहीं यह मेरे-तेरे 

श्यामल हुए सो बंसी पकड़ी 
ग़ज़ल छेड़ी औ' नगमे टेरे


    


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About Shyam Bihari Shyamal

Chief Sub-Editor at Dainik Jagaran, Poet, the writer of Agnipurush and Dhapel.
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